इस ‘क्रिसमस’ कामरेड जीसस को लाल सलाम !

पुराना धर्म कहता था- दांत के बदले दांत और आँख के बदले आँख ही धर्म है। जीसस ने पहली बार कहा कि नहीं यह धर्म नहीं है, बल्कि धर्म तो यह है कि कोई तुम्हारे एक गाल पर तमाचा मारे तो दूसरा गाल भी आगे कर दो, और कोई तुमसे तुम्हारी कमीज़ मांगे तो तुम उसे अपना कोट भी दे दो।

जीसस ने कहा, सूईं के छेद से ऊँट का निकलना संभव है, लेकिन एक भी अमीर का स्वर्ग में प्रवेश असम्भव है।

तस्वीर Straight Talking Blog से साभार।

मंदिर के परिसर में बैठ कर गरीबों को ब्याज़ पर पैसा देने वाले साहूकारों पर जीसस कोड़े ले कर टूट पड़ा था और उन्हें मार मार कर वहाँ से भगा दिया और उनकी मेजें उलट दी थीं।
बाद में ईसा के नाम पर बनाए गये, इसाई धर्म के चर्च के पादरियों और राजाओं नें मिल कर, गरीब किसानों का वैसा ही शोषण किया, जैसा भारत में पुरोहितों और राजाओं के गठजोड़ ने किया।

गैलीलियो को विज्ञान की बात कहने के अपराध में चर्च द्वारा उम्र कैद दे दी गई, क्योंकि विज्ञान की सच्ची बात का मेल बाइबिल से मेल नहीं खाता था।

ब्रूनो को भी सच कहने के कारण चर्च नें जिन्दा जला दिया।

इसाइयों नें कई सौ साल तक चलने वाले युद्ध लड़े।

दुनिया को लूटने वाले और सारे संसार पर युद्ध थोपने वाले अमरीका और यूरोप के पूंजीवादी राष्ट्र खुद को जीसस का अनुयायी कहते हैं। यही संस्थागत धर्म की त्रासदी है। जबकि जीसस गरीब की तरह पैदा हुआ, गरीब की तरह ही जिया और गरीबों की तरह अकेला ही मर गया।

कामरेड जीसस को लाल सलाम..!

हिमांशु कुमार की वाल से साभार