"निवेदन है कि इस जोड़ी को न्याय दिलाने के लिए आगे आइये"


तवज्जो चाहूँगी

इनका नाम इब्राहिम उर्फ आर्यन है, जिन्होंने धमतरी की एक युवती अंजली जैन से फरवरी 2018 में शादी रचाई, दोनो एक दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करते है, पर यही मोहब्बत करना इनका अपराध बन जायेगा, इन्हें नही पता था।

अंजली के पिता ने अंजली को पागल करार किये जाने के सारे प्रयास किये और उनके साथ के लोगो ने और कट्टर आरएसएस जैसे हिन्दू संगठन के लोगो ने इस मामले कप लव जेहाद का नाम देकर शहर और राज्य के लिए ही नही बल्कि देश का माहौल भी बिगाड़ने का काम किया।

दोनो शादी शुदा और अंजली के बार बार कहने के बावजूद कि साथ रहना चाहती है, को नही सुना गया और लड़की के सामने छत्तीसगढ़ हइकोर्ट के चीफ जस्टिस साहब ने बोला कि तुम घर या फिर हॉस्टल जा सकती हो, जबकि अंजली ने अपने पति इब्राहिम उर्फ आर्यन के साथ जाने का फैसला लिया था, पर कोर्ट द्वारा अंजली को पति के साथ नही बल्कि उसको हॉस्टल भेज दिया।

बिलासपुर के GDC के हॉस्टल में युवती को रखा गया और परिवार और पति दोनो से ही हफ्ते में तीन दिन मिलने का समय कोर्ट से दिया गया, लेकिन घर वालो के साथ कुछ कुछ हिन्दू संगठन के लोगो का मिलना तो होता रहा, किंतु एक दिन के अलावा इब्राहिम को लड़की से मिलने तक नही दिया गया, और हॉस्टल के बाहर ही हमेशा हिन्दू संगठन के 12 15 लड़के बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी के साथ हमेशा घेरे खड़े रहते थे।

अंजली के पति इब्राहिम उर्फ आर्यन पर अंजली के पिता द्वारा मामला दर्ज करवाकर जेल भिजवा दिया गया, और अंजली को उसके खाने में कुछ देकर उसको बीमार करवाया गया और बिना कोर्ट या किसी को जनकारी दिए cims अस्प्ताल से कही दूसरे प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहाँ इब्राहिम के वकील ने जब अस्प्ताल को नोटिस दिया कि ऐसा मामला है और कोर्ट को जानकारी दिए बगैर पिता लड़की को वहां ले गए है, तो अस्पताल के डॉ ने तुरंत वहां से डर के मारे डिसचार्ज कर दिया।

ये कहानी यही नही रुकी लड़की को लड़के के खिलाफ बयान देने को बोला गया, जब उसने बयान नही दिया, तो जान से मारने और खत्म करने का प्लान घर वालो ने बनाना शुरू किया, जिसकी जानकारी अंजली को मिली तो वो दबाव में आई और कोर्ट में आकर उसने बोला कि शादी तो हमने अपनी मर्ज़ी से करी है लेकिन मैं अपने पिता के साथ जाना चाहूंगी।

मामला यहां थोड़ा ठंडा पड़ गया था, तभी अचानक से फरवरी 2019 को अंजली फिर से अपने पति इब्राहिम को msg करके बोलती है कि मुझे बचा लो, मेरे साथ बहुत मारपीट होती है, और उसने फोन में ये भी बताया कि मुझ पर बहुत दबाव बना दिया गया था, इसलिए मुझे पिता जी के साथ जाना पड़ा।

अंजली ने बताया कि उसको तरह तरह की दवाये दी जा रही है, जिससे उसका शरीर सुन्न हो जाता है और ऐंठने लगता है, और ऐसा इसलिए कि ताकि वो पागल है ऐसा बताया जा सके।

अंजली ने हिम्मत करके DGP को कॉल करके जानकारी दी और वहां से निकलने की मंशा ज़ाहिर करी, जिसके बाद लगभग दो गाड़ी भरकर पुलिस गयी और अंजली को रेस्क्यू किया और धमतरी के सखी वन स्टॉप में दो तीन दिन तक रखा गया। जहां तथाकथिक लोगो का आना जाना और हिंदूवादी दल के लोगो के द्वारा सखी केंद्र का घेराव, पिता द्वारा धमतरी बंद, मौन रैली आदि किया जाना सक्रियता से हुआ।

जिसके बाद अंजली को धमतरी से रायपुर के सखी केंद्र में ले आया गया। पिछले 7 माह से अंजली एक कैदी के तरह जीवन जीने को मजबूर है, जहां उसको कैसे वैठना है, कब उठना है, फोन नही रखना आदि करके परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं इब्राहिम भी 2 माह की जेल काट कर जमानत पर रिहा हो पाए है क्योंकि चालान पेश नही हो सका।

18 माह से एक पति- पत्नी को लवजेहाद का नाम देकर इतना तंग किया गया है कि दोनों को डर है कि उनके साथ बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।

हालांकि मामले में बिलासपुर हाई कोर्ट के वर्तमान के चीफ जस्टिस साहब रामचंद्र मेनन जी ने काफी अच्छा आर्डर किया है, जिसमे उन्होंने बोला कि लड़की जहां रहना चाहे वहां रह सकती है, मेनन साहब ने लड़की से लगभग डेढ़ घंटे चैम्बर में अलग आए बात करी थी और फिर पूरे कोर्ट के सामने लड़की ने पूरी कहानी बताई थी और पति इब्राहिम के साथ जाने की मर्जी दिखाई थी थी, लेकिन वर्तमान में उस आर्डर को अंजली के पिता अशोक जैन ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया है और इसकी सुनवाई आने वाली 15 तारीख को होने वाली है।

कहानियों की भरमार है इस मामले में, फिलहाल छोटे में समझाने की कोशिश की है।

शाम को लाइव करके और भी बात रखूंगी।

सबसे निवेदन है कि इस जोड़ी को न्याय दिलाने के लिए आगे आइये।।

ज़िंदाबाद

– प्रियंका शुक्ला (प्रिया शुक्ला)
बिलासपुर, छत्तीसगढ़